Uttarakhand: तीन साल पूरे होने पर सरकार का जनसेवा पर्व: लाखों लोगों तक पहुंची योजनाएं, सैकड़ों लाभार्थी सम्मानित

Uttarakhand: तीन साल पूरे होने पर सरकार का जनसेवा पर्व: लाखों लोगों तक पहुंची योजनाएं, सैकड़ों लाभार्थी सम्मानित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने पिछले सप्ताह अपने सफल तीन वर्षों के कार्यकाल को जनसेवा, सुशासन और विकास के उत्सव के रूप में मनाया। इस अवसर पर प्रदेशभर में “सेवा, सुशासन और विकास के तीन वर्ष” थीम पर बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से लाखों लोगों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला। शिविर न केवल सेवा वितरण का माध्यम बने, बल्कि जन सहभागिता और विश्वास का प्रतीक भी साबित हुए।
इन शिविरों में कई योजनाओं के लाभार्थियों को मौके पर ही चेक और उपकरण वितरित किए गए। इसके साथ ही उन लोगों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभ उठाकर प्रेरणादायक सफलता की मिसाल कायम की।
कृषि क्षेत्र में तकनीक का विस्तार और महिला सशक्तिकरण
चम्पावत जिले में कृषि विभाग ने टेक्नोलॉजी आधारित खेती को बढ़ावा देते हुए गोल्ज्यू किसान उत्पादक संघ को 75% अनुदान पर आधुनिक ड्रोन प्रदान किया। फार्म मशीनरी बैंक झालाकुड़ी से जुड़े जय भूमियाल देवता स्वयं सहायता समूह को तीन पावर वीडर और तीन आटा चक्की भी सब्सिडी पर दी गईं। नंदा गौरा योजना के तहत पांच लाभार्थियों को 50-50 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए, वहीं अटल आवास योजना के अंतर्गत लोहाघाट और बाराकोट के कुल 14 लाभार्थियों को 60-60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
हरिद्वार में 21 हजार से अधिक लोगों को लाभ
हरिद्वार जनपद में एक साथ 11 बहुउद्देशीय शिविर लगाए गए, जिनमें 21 हजार से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिला। यह आयोजन प्रशासनिक पहुंच और सेवा वितरण की पारदर्शिता का उत्कृष्ट उदाहरण बना।
समान नागरिक संहिता पंजीकरण और युवाओं को रोजगार
शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में समान नागरिक संहिता (UCC) के अंतर्गत पंजीकरण भी किए गए। उधमसिंह नगर जिले में 23 पंजीकरण संपन्न हुए। नैनीताल जिले के हल्द्वानी में सेवायोजन विभाग की मदद से 128 युवाओं को निजी कंपनियों में रोजगार के अवसर प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त प्रदेशभर में 236 से अधिक दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र बनाए गए और लगभग 300 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं उपकरण प्रदान किए गए।
महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी
सुशासन सप्ताह के दौरान टिहरी जिले में आयोजित शिविरों में महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रमुखता दी गई। समूहों ने स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की कुल 4.34 लाख रुपये की बिक्री की। उत्तरकाशी में 92 महिला समूहों को विभिन्न योजनाओं के चेक वितरित किए गए, जबकि पौड़ी जिले में 10 समूहों को कुल 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। सहकारी समिति ने भी सात लाभार्थियों को कुल 9.40 लाख रुपये का ऋण वितरित किया।
अंत्योदय के संकल्प को मूर्त रूप देने की दिशा में प्रयास
सरकार का स्पष्ट उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, विशेषकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक। मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों को दूरदराज के क्षेत्रों में जन संवाद बढ़ाने और विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का यह प्रयास राष्ट्रीय उद्देश्य “अंत्योदय” – सबसे अंतिम व्यक्ति का उदय – को साकार करने की दिशा में एक समर्पित प्रयास है।
तीन साल के इस कार्यकाल का यह जनसेवा पर्व न केवल उपलब्धियों की झलक है, बल्कि आने वाले वर्षों की जनकल्याणकारी योजनाओं की मजबूत नींव भी है। सरकार की इस पहल ने शासन को ज़मीन पर उतारते हुए आमजन के साथ सीधा जुड़ाव स्थापित किया है, जिससे नागरिकों का विश्वास और भागीदारी दोनों बढ़ी है।