Vijay Diwas 2025: विजय दिवस पर देहरादून में शहीदों को नमन, मुख्यमंत्री धामी ने सैनिकों और परिजनों को किया सम्मानित
Vijay Diwas 2025: विजय दिवस पर देहरादून में शहीदों को नमन, मुख्यमंत्री धामी ने सैनिकों और परिजनों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित गांधी पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि सभा एवं सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को नमन किया। कार्यक्रम में 1971 के युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित कर उनके अदम्य साहस और त्याग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
मुख्यमंत्री ने विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों ने 1971 के युद्ध में अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के माध्यम से राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की। यह दिन भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरवगाथा को स्मरण करने का अवसर है, जो देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने कहा कि 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के लगभग 93 हजार सैनिकों ने भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया था, जो भारतीय सैन्य शक्ति का ऐतिहासिक प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरभूमि उत्तराखण्ड के 248 बहादुर सपूतों ने इस युद्ध में अपने प्राणों की आहुति दी। प्रदेश के 74 सैनिकों को उनके अदम्य साहस और शौर्य के लिए विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ऐसा राज्य है, जहां लगभग हर परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना से जुड़ा रहा है और यह प्रदेश देश की रक्षा में अपना अमूल्य योगदान देता रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सैनिक कल्याण निदेशालय और जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों डीडीहाट, हरबर्टपुर, पिथौरागढ़ और हरिद्वार के लिए सरकारी वाहन उपलब्ध कराने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि उन्हें किसी भी स्तर पर कठिनाई का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेना को अत्याधुनिक तकनीक और आधुनिक हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है। आज भारत रक्षा सामग्री के निर्यात करने वाले शीर्ष देशों में शामिल हो चुका है। ऑपरेशन सिंधु के माध्यम से भारत ने यह साबित कर दिया है कि हमारे सैनिकों के साथ-साथ स्वदेशी हथियार भी दुनिया में किसी से कम नहीं हैं। इस अभियान में भारत में निर्मित आकाश मिसाइल, आधुनिक डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे हथियारों ने वैश्विक स्तर पर भारत की सैन्य शक्ति का परचम लहराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का करारा जवाब देता है और उन्हें उनके ठिकानों पर ही नेस्तनाबूद करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सैनिकों के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं, जिनमें वन रैंक वन पेंशन योजना, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि और सीमावर्ती क्षेत्रों में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास शामिल है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया है। वीरता पुरस्कारों से सम्मानित सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त और वार्षिक राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिक को मिलने वाली राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई है। अशोक चक्र की राशि 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये, महावीर चक्र और कीर्ति चक्र की राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 35 लाख रुपये तथा वीर चक्र और शौर्य चक्र की राशि 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का निर्णय लिया गया है और सरकारी नौकरी के लिए आवेदन की अवधि को 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दिया गया है। इसके साथ ही बलिदानियों के आश्रितों के लिए नौकरी पूर्व प्रशिक्षण, पुत्री विवाह अनुदान जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है। सेवारत और पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। देहरादून के गुनियाल गांव में भव्य सैन्य धाम का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सैनिकों से जुड़ी हर समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा रहा है।
कार्यक्रम में विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, सचिव सैनिक कल्याण दीपेन्द्र चौधरी, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सम्मी सबरवाल सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।