• January 14, 2026

Uttarakhand global employment scheme: मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत विदेशी भाषा प्रशिक्षण पर जोर, युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने की तैयारी

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मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आज सचिवालय में मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में उन्होंने प्रदेश के युवाओं को वैश्विक रोजगार अवसरों के लिए तैयार करने हेतु विदेशी भाषा प्रशिक्षण को मजबूत और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। मुख्य सचिव ने दून विश्वविद्यालय और कुमाऊं विश्वविद्यालय के लैंग्वेज स्कूल को और अधिक सशक्त बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि इन संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए, ताकि यहां से प्रशिक्षित युवा विदेशों में रोजगार प्राप्त कर सकें।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के भीतर संचालित सरकारी नर्सिंग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में विदेशी भाषा को अनिवार्य किए जाने या इच्छुक प्रशिक्षणार्थियों को उनकी पसंद की विदेशी भाषा का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने इस दिशा में विस्तृत अन्वेषण कर ठोस प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े युवाओं को विदेशी नौकरी बाजार में बेहतर अवसर मिल सकें।

उन्होंने प्रदेशभर में बनाए जा रहे पुस्तकालयों में भाषा लैब को शामिल करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि भाषा लैब के माध्यम से पुस्तकालयों में आने वाले छात्र ऑडियो-विजुअल संसाधनों की मदद से विदेशी भाषाएं सीख सकेंगे। इसके साथ ही विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जा सकता है, जिससे भाषा सीखने की प्रक्रिया अधिक सहज, प्रभावी और आधुनिक बन सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े अभ्यर्थियों को विदेशी भाषा सीखने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। उन्होंने विदेश रोजगार प्रकोष्ठ और तकनीकी शिक्षा विभाग को क्रेडिट आधारित विदेशी भाषा लर्निंग कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। इससे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा विदेशी भाषा को अपने कौशल विकास का हिस्सा मानेंगे और अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए खुद को बेहतर रूप से तैयार कर सकेंगे।

उन्होंने जापान, जर्मनी और यूके के दूतावासों से संपर्क कर उनके सुझाव प्राप्त करने तथा अच्छी भाषा प्रशिक्षण देने वाली एजेंसियों को हायर करने की बात कही। साथ ही विदेशों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए दूतावासों के माध्यम से सीधे विदेशी नियोक्ताओं से संपर्क स्थापित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल से उत्तराखण्ड के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के माध्यम से विदेशों में उपलब्ध नौकरियों और रिक्तियों के अनुरूप प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके छात्र-छात्राओं को समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है। इस जॉब सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक युवाओं को विदेशों में रोजगार से जोड़ा जा सकता है।

उन्होंने विदेशों में रोजगार के साथ-साथ प्रदेश के भीतर आंतरिक रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर भी निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश का युवा अधिक से अधिक स्किल्ड बने, इसके लिए वर्तमान समय की मांग के अनुरूप नए और आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए, ताकि स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित हो सकें।

बैठक में सचिव सी. रविशंकर ने जानकारी दी कि विदेश रोजगार प्रकोष्ठ में अब तक कुल 206 लोगों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से नवंबर 2025 तक 76 युवाओं को विदेशों में रोजगार प्राप्त हो चुका है। नवाचार योजना के अंतर्गत स्टेट नर्सिंग कॉलेजों में 248 अभ्यर्थियों को जर्मन भाषा, 35 को जापानी भाषा, 62 को फ्रेंच भाषा, 11 को स्पेनिश भाषा और 185 अभ्यर्थियों को अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

बैठक में सचिव शैलेश बगौली, रविनाथ रामन, रंजीत कुमार सिन्हा, अपर सचिव रोहित मीणा, मनुज गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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