Jan Jan Ki Sarkar: जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार अभियान के तहत हर न्याय पंचायत तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश
Jan Jan Ki Sarkar: जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार अभियान के तहत हर न्याय पंचायत तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक के दौरान ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान को लेकर प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर बहुद्देशीय कैम्प आयोजित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि इस अभियान का मूल उद्देश्य राज्य के प्रत्येक नागरिक तक राज्य और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे।
मुख्य सचिव ने बताया कि 17 दिसंबर से अगले 45 दिनों तक प्रदेश की प्रत्येक न्याय पंचायत में कैम्प लगाकर वहां के प्रत्येक पात्र नागरिक को 23 विभागों की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक जनपद को न्याय पंचायतवार रोस्टर तैयार कर कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद अपने-अपने क्षेत्र में न्याय पंचायतों की संख्या के आधार पर रोस्टर निर्धारित कर सकता है। जिन जनपदों में न्याय पंचायतों की संख्या अधिक है, वहां यह अभियान तब तक जारी रखा जाएगा, जब तक सभी पात्र नागरिक सरकारी योजनाओं से संतृप्त नहीं हो जाते। अधिकारियों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सप्ताह 2 से 3 कार्य दिवसों में प्रत्येक तहसील की सभी न्याय पंचायतों को संतृप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कैम्प आयोजित करने से पूर्व संबंधित न्याय पंचायत में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना अनिवार्य है, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक कैम्प में पहुंचकर योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि नागरिकों को समय रहते यह जानकारी मिलनी चाहिए कि किस न्याय पंचायत में किस दिन कैम्प लगाया जाएगा, जिससे वे अपने आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार कर सकें।
प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया टूल्स के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि कैम्प आयोजित होने से 2 से 3 दिन पूर्व संबंधित न्याय पंचायत में सभी प्रकार के आवेदन पत्र, योजना संबंधी जानकारी और आवश्यक दिशानिर्देश अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दिए जाएं।
मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि कैम्प के उपरांत अधिकारी न्याय पंचायत के आसपास के गांवों का भ्रमण करें और राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों के आवेदन पत्र भरवाएं। प्रयास किए जाएं कि न्याय पंचायत क्षेत्र के सभी पात्र निवासी जनहितकारी योजनाओं से पूर्ण रूप से संतृप्त हो सकें।
उन्होंने बताया कि इन बहुद्देशीय कैम्पों के माध्यम से समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाएं, प्रमाण पत्र, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत पंजीकरण सहित कुल 23 विभागों की योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों को दिया जाएगा। इसके साथ ही राज्य एवं जनपद स्तर की बैंकर्स समितियों को भी ऋण से जुड़ी योजनाओं के लाभ के लिए इन कैम्पों में शामिल किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने प्रभारी सचिवों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीन जनपदों में आयोजित होने वाले बहुद्देशीय कैम्पों का औचक निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि कैम्प के दौरान प्राप्त आमजन की शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए और पूरी प्रक्रिया की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित कैम्पों की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। सभी जिलाधिकारियों को आयोजित कैम्पों का विस्तृत डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कैम्पों के प्रभावी डॉक्यूमेंटेशन के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्यांकी, डॉ. वी. षणमुगम, विनोद कुमार सुमन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।