Bihar Board 10th Topper: कारपेंटर की बेटी साक्षी बनी बिहार बोर्ड टॉपर, मेहनत और समझ को बताया सफलता का मंत्र

Bihar Board 10th Topper: कारपेंटर की बेटी साक्षी बनी बिहार बोर्ड टॉपर, मेहनत और समझ को बताया सफलता का मंत्र
बिहार बोर्ड की दसवीं परीक्षा में टॉप करने वाली समस्तीपुर की साक्षी ने अपनी सफलता से पूरे राज्य को गौरवान्वित कर दिया है। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली साक्षी ने अपने मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने परीक्षा में 489 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया और राज्य की उन प्रतिभाशाली छात्रों में शामिल हो गईं, जिन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि लगन और सही रणनीति से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है। उनके साथ गिरीह की अंशू और भोजपुर के रंजन भी टॉपर्स की सूची में शामिल हैं।
साक्षी के पिता राम नरेश शर्मा कारपेंटर का काम करते हैं और मां एक गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद साक्षी ने अपनी पढ़ाई को कभी प्रभावित नहीं होने दिया और अपनी लगन से यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। समस्तीपुर के नरहन स्थित जेपीएन हाईस्कूल में पढ़ने वाली साक्षी ने परीक्षा की तैयारी के दौरान कभी भी पढ़ाई के घंटे गिनने पर ध्यान नहीं दिया। उनका मानना है कि पढ़ाई में समय से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि जो भी पढ़ा जाए, उसे पूरी तरह से समझा जाए। उन्होंने बताया कि वे हर टॉपिक को तब तक पढ़ती रहीं, जब तक वह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो गया। यही तरीका उनकी सफलता की कुंजी बना।
साक्षी ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि वे टॉप-टेन में जगह बना सकती हैं, लेकिन बिहार बोर्ड की टॉपर बनना उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था। उन्होंने परीक्षा के दौरान 8 से 10 घंटे पढ़ाई की, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि पढ़ाई में घंटों की गिनती मायने नहीं रखती, बल्कि विषय की गहरी समझ जरूरी होती है। उनकी सफलता का श्रेय उनके माता-पिता, भाई-बहन और शिक्षकों को जाता है, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया और विषयों को समझने में मदद की।
साक्षी आगे चलकर साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई करना चाहती हैं और उनका पहला लक्ष्य इंटरमीडिएट परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करना है। इसके बाद वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करेंगी और उच्च पद प्राप्त कर अपने परिवार और समाज का नाम रोशन करना चाहती हैं। उनका सपना एक प्रतिष्ठित पद पर पहुंचकर समाज में बदलाव लाने का है।
उनकी इस सफलता से उनके घर में खुशी का माहौल है। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और शिक्षक सभी उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं। साक्षी खुद इस उपलब्धि से अभिभूत हैं और उनके माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं है। उनके पिता ने कहा कि उनकी बेटी की मेहनत ने यह साबित कर दिया कि अगर हौसला मजबूत हो, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है।
साक्षी की इस सफलता ने यह संदेश दिया है कि कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और सही दिशा में प्रयास करने से हर लक्ष्य संभव है। उनकी कहानी उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने की इच्छा रखते हैं।