• April 4, 2025

Uttarakhand: डबल इंजन की सरकार का असर: उत्तराखंड में बनी 814 किमी ग्रामीण सड़कें, पीएमजीएसवाई की प्रगति को सराहना

 Uttarakhand: डबल इंजन की सरकार का असर: उत्तराखंड में बनी 814 किमी ग्रामीण सड़कें, पीएमजीएसवाई की प्रगति को सराहना
Sharing Is Caring:

Uttarakhand: डबल इंजन की सरकार का असर: उत्तराखंड में बनी 814 किमी ग्रामीण सड़कें, पीएमजीएसवाई की प्रगति को सराहना

उत्तराखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बीते वित्तीय वर्ष में 814 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया है। इस उल्लेखनीय प्रगति को देखते हुए केंद्र सरकार ने योजना के तीसरे चरण में स्वीकृत 09 पुलों के निर्माण के लिए बजट जारी कर दिया है। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और केंद्र के सहयोग से पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रामीण सड़क संपर्क को मजबूत किया जा रहा है, जिससे विकास की गति तेज हुई है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना के अंतर्गत कुल 900 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 933 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की गई, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 133 करोड़ रुपये अधिक है। इसके साथ ही, भौतिक रूप से 814 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया, जो 2023-24 की तुलना में 206 किलोमीटर अधिक है। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन पीएमजीएसवाई-3 के तहत 09 पुलों के निर्माण के लिए 40.77 करोड़ रुपये की स्वीकृति केंद्र सरकार से प्राप्त हुई, जिससे राज्य में सड़क अधोसंरचना को और मजबूती मिलेगी।

सरकार अब पीएमजीएसवाई-4 के तहत अगले चरण की तैयारियों में जुट गई है। इस चरण में 1,490 सड़क विहीन बसावटों को चिह्नित किया गया है, जहां लगभग 8,500 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर लिया गया है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर काम शुरू कर दिया गया है। इस योजना के तहत पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क संपर्क को और व्यापक बनाया जाएगा, जिससे दूरस्थ गांवों तक आवागमन की सुविधा सुगम हो सके।

सरकार ने कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष निरीक्षण ऐप तैयार किया है, जिससे फील्ड अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षणों को नियमित रूप से अंकित किया जा सके। इस तकनीकी पहल से वरिष्ठ अधिकारियों को मार्गों की गुणवत्ता की निगरानी करने में आसानी होगी। केंद्र सरकार ने भी इस नवाचार की सराहना की है और अन्य राज्यों को भी इसे अपनाने की सलाह दी है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत वर्ष 2000 में की गई थी, जिसके तहत न्यूनतम 500 की आबादी वाले गांवों को सड़कों से जोड़ा गया। योजना के पहले तीन चरणों में यह लक्ष्य लगभग पूरा किया जा चुका है। अब चौथे चरण में शेष बची बसावटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने का कार्य किया जाएगा, जिससे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों का विकास और तेज होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए राज्य की छोटी-छोटी बसावटों को सड़कों से जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। हाल ही में संपन्न वित्तीय वर्ष में विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं, और अब सरकार चौथे चरण के तहत शेष बसावटों को पक्की सड़कों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

उत्तराखंड में सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की यह पहल न केवल स्थानीय निवासियों के लिए सुविधा जनक होगी, बल्कि इससे राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापार के अवसरों का विस्तार होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आएगा।

Sharing Is Caring:

Admin

https://nirmanshalatimes.com/

A short bio about the author can be here....

Related post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *