Uttarakhand RTS: सेवा का अधिकार के तहत अधिक सेवाएं जोड़ने पर जोर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने की समीक्षा बैठक
Uttarakhand RTS: सेवा का अधिकार के तहत अधिक सेवाएं जोड़ने पर जोर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने की समीक्षा बैठक
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में सेवा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत संचालित सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन की अधिक से अधिक नागरिक केंद्रित सेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाया जाना चाहिए, ताकि आमजन को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। मुख्य सचिव ने आईटीडीए को निर्देश दिए कि आरटीएस और नॉन आरटीएस के अंतर्गत अधिसूचित कुल 1053 सेवाओं को शीघ्र ऑनलाइन किया जाए, जिससे नागरिकों को डिजिटल माध्यम से सेवाओं का लाभ मिल सके।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि सेवाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से प्रदान की जाएं। यदि तय समयावधि में सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो सिस्टम के माध्यम से मामला स्वतः उच्च स्तरीय अधिकारी तक पहुंचना चाहिए, जिससे जवाबदेही तय हो सके और लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई हो।
उन्होंने निर्देश दिए कि सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत विभागों द्वारा दी जा रही सभी सेवाओं की जानकारी अनिवार्य रूप से कार्यालयों के बाहर सूचना पटल पर प्रदर्शित की जाए। इसके साथ ही प्रथम और द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी की पूरी जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि नागरिकों को अपील प्रक्रिया की सही जानकारी मिल सके।
मुख्य सचिव ने आयुक्त, सेवा का अधिकार आयोग को निर्देश दिए कि सेवा का अधिकार अधिनियम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ड्राफ्ट नियम तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि मजबूत नियमावली से व्यवस्था और सुदृढ़ होगी तथा नागरिकों का शासन पर विश्वास और बढ़ेगा।
बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, आयुक्त सेवा का अधिकार आयोग भूपाल सिंह मनराल तथा निदेशक आईटीडीए आलोक पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।