• January 14, 2026

Uttarakhand Review Meeting: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारियों संग वर्चुअल समीक्षा बैठक की, विकास योजनाओं, आध्यात्मिक गाँव, वाइब्रेंट विलेज और शीतकालीन पर्यटन पर दिए महत्वपूर्ण निर्देश

 Uttarakhand Review Meeting: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारियों संग वर्चुअल समीक्षा बैठक की, विकास योजनाओं, आध्यात्मिक गाँव, वाइब्रेंट विलेज और शीतकालीन पर्यटन पर दिए महत्वपूर्ण निर्देश
Sharing Is Caring:

Uttarakhand Review Meeting: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारियों संग वर्चुअल समीक्षा बैठक की, विकास योजनाओं, आध्यात्मिक गाँव, वाइब्रेंट विलेज और शीतकालीन पर्यटन पर दिए महत्वपूर्ण निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण, प्रशासनिक सुधारों, सुरक्षा व्यवस्था और आगामी शीतकालीन यात्रा के लिए की जा रही तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने राज्य स्थापना की रजत जयंती पर सफलतापूर्वक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सभी अधिकारियों को बधाई दी और कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए मार्गदर्शन राज्य के आगामी विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लक्ष्य पर विशेष जोर दिया। उन्होंने “एक जिला, एक मेला” अभियान को राज्य की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाला परिवर्तनकारी कदम बताते हुए कहा कि चयनित मेलों को राजकीय मेला घोषित किया जाएगा। इससे मेलों को वित्तीय सहायता, सरकारी संरक्षण, प्रचार-प्रसार और बेहतर प्रबंधन की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि इससे सांस्कृतिक धरोहर, कला, शिल्प और स्थानीय परंपराओं को नया आयाम मिलेगा और समुदायों को रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

CM Photo 03 dt. 17 November 2025

मुख्यमंत्री ने योग, आयुर्वेद और ध्यान को ग्राम स्तर पर बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में एक गाँव को “आध्यात्मिक गाँव” के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा। ऐसे गाँवों में योग केंद्र, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुविधाएँ, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम और स्थानीय युवाओं के लिए आध्यात्मिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शांति का वातावरण विकसित होगा, बल्कि राज्य को स्वास्थ्य-पर्यटन के नए वैश्विक केंद्र के रूप में पहचान मिलेगी।

वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने सीमा से लगे गावों में होमस्टे, कृषि, उद्यानिकी, सौर ऊर्जा और स्वरोजगार गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सीमांत गाँव को पर्यटन आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन ठोस योजना तैयार करे।

मुख्यमंत्री ने शीतकालीन चारधाम यात्रा और बारहमासी पर्यटन के लिए विशेष तैयारियों के निर्देश दिए। उन्होंने उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में होटलों और होमस्टे संचालकों के साथ मजबूत समन्वय स्थापित कर यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने केएमवीएन और जीएमवीएन को विशेष शीतकालीन छूट पैकेज तैयार कर लागू करने का निर्देश दिया, जिससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके और स्थानीय रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो।

मुख्यमंत्री ने सीएसआर फंड का व्यापक उपयोग जनहित के कार्यों में करने के निर्देश दिए। उन्होंने बर्फ हटाने, अलाव, रेन बसेरा और कचरा प्रबंधन की व्यवस्थाएँ बेहतर सुनिश्चित करने का आदेश दिया। चारधाम यात्रा मार्गों पर जमा कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष बल दिया गया।

CM Photo 02 dt. 17 November 2025 1

मुख्यमंत्री ने जीआई टैग उत्पादों को निर्यात योग्य बनाने, जिलों में पर्यटन स्थलों के विकास की विस्तृत योजनाएँ तैयार करने और शहरों की स्वच्छता एवं सौंदर्यकरण पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और मुख्य मार्गों पर सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात भी कही।

उन्होंने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए जिला स्तर पर नियमित सत्यापन और निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए। सीमा क्षेत्रों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर विशेष निगरानी रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी की संख्या बढ़ाने और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। नशा नियंत्रण के लिए संभावित क्षेत्रों में कैमरे लगाने और डीजीपी के निर्देशन में विशेष टीम गठित करने के भी निर्देश दिए।

सड़कों की दुर्दशा पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की सभी सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त बनाने के निर्देश जारी किए। उन्होंने बार-बार क्षतिग्रस्त होने वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखने और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को पिछले तीन वर्षों में बने स्थाई निवासी प्रमाण पत्रों की जांच करने और गलत तरीके से बने प्रमाण पत्रों के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, कुमाऊँ मंडल आयुक्त दीपक रावत सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Sharing Is Caring:

Admin

https://nirmanshalatimes.com/

A short bio about the author can be here....

Related post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *