Uttarakhand Health: स्वास्थ्य शिक्षा को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद का गठन
Uttarakhand Health: स्वास्थ्य शिक्षा को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद का गठन
उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य शिक्षा को आधुनिक, पारदर्शी और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने की।
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि पर्वतीय और आपदा–संवेदनशील राज्य उत्तराखण्ड में प्रशिक्षित और प्रमाणित allied health workforce का विकास आवश्यक है। परिषद के गठन से शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ेगी और राज्य देशभर में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में अग्रणी बनेगा।
बैठक में परिषद की संरचना, कार्य प्रणाली, भविष्य की आवश्यकताएँ और अध्यक्ष एवं सदस्यों के चयन हेतु “तलाश–सह–चयन समिति” बनाने पर चर्चा की गई। सचिव ने प्रारंभिक बजट, कार्यालय संरचना, तकनीकी सहायता और मानव संसाधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि परिषद अपने दायित्वों का शीघ्र निर्वहन कर सके।
वर्तमान में राज्य में पैरामेडिकल शिक्षा उत्तराखण्ड पैरामेडिकल अधिनियम–2009 और स्टेट मेडिकल फैकल्टी के माध्यम से संचालित होती है। राष्ट्रीय अधिनियम लागू होने के बाद 22 विषयों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम और अधिक मानकीकृत, रोजगारोन्मुख और कौशल आधारित बनेंगे। नए अधिनियम में कुल 10 श्रेणियों में 56 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं को मान्यता दी गई है।
बैठक में यह भी बताया गया कि नए अधिनियम में पोषण विज्ञान, स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन, क्लिनिकल साइकोलॉजी, डायलिसिस तकनीशियन, एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन, आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन जैसे विषय शामिल होंगे। इससे युवाओं को व्यापक करियर विकल्प, बेहतर सरकारी और निजी क्षेत्र में प्लेसमेंट तथा शोध और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं में अवसर मिलेंगे।
अधिकारियों ने कहा कि यह कदम उत्तराखण्ड को स्वास्थ्य शिक्षा और allied health services में अग्रणी राज्य बनाएगा और भविष्य में राज्य एक “Health Education Hub” के रूप में स्थापित होगा।
राज्य सरकार स्वास्थ्य शिक्षा को सुदृढ़, सुगठित और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद का गठन पैरामेडिकल और allied health शिक्षा में एकरूपता लाएगा, पाठ्यक्रमों का मानकीकरण करेगा और पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाएगा। इससे राज्य के युवा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे और उत्तराखण्ड हेल्थकेयर स्किल डेवलपमेंट का मॉडल राज्य बनकर उभरेगा।