• January 14, 2026

UP Transport Vision 2047: रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के विस्तार से उत्तर प्रदेश में तेज और आधुनिक आवागमन की तैयारी

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UP Transport Vision 2047: रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के विस्तार से उत्तर प्रदेश में तेज और आधुनिक आवागमन की तैयारी

उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक ‘उत्तम प्रदेश’ के रूप में विकसित करने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार परिवहन अवसंरचना को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। ‘UP Transport Vision 2047’ के अंतर्गत सरकार का मुख्य फोकस हाई-स्पीड रेल, रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम और ऑर्बिटल कॉरिडोर के विकास पर है, जिससे प्रदेश के भीतर और प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच आवागमन को तेज, सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।

सरकार की ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना में परिवहन नेटवर्क को विकास की रीढ़ माना गया है। इसी सोच के तहत प्रदेश के शहरों, कस्बों, औद्योगिक क्षेत्रों और लॉजिस्टिक्स हब को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना तैयार की जा रही है। क्षेत्रीय आवागमन को सुदृढ़ करने के साथ-साथ अंतिम मील कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को दैनिक जीवन में आवागमन से जुड़ी किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रदेश सरकार हाई-स्पीड परिवहन नेटवर्क के माध्यम से शहरी क्षेत्रों के बीच यात्रा समय को कम करने और आवागमन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके अंतर्गत प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए हाई-स्पीड रेल नेटवर्क विकसित करने की योजना है। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसे प्रदेश में एक हजार किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में व्यवस्थित रूप से स्थापित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस नेटवर्क के विकसित होने से न केवल लोगों की यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

इसके साथ ही प्रदेश के नगरीय विस्तार और कायाकल्प की योजना में रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना भी प्रमुख उद्देश्य है। सरकार लगभग 1500 किलोमीटर क्षेत्र में विस्तारित रीजनल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के विकास को लेकर कार्ययोजना तैयार कर रही है, जिससे विभिन्न शहरों और क्षेत्रों के बीच तेज और सुचारु संपर्क स्थापित किया जा सके। इस व्यवस्था से यातायात का दबाव कम होगा और शहरों के भीतर तथा शहरों के बीच आवागमन अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगा।

प्रदेश में विभिन्न ऑर्बिटल कॉरिडोर्स के निर्माण की योजना भी इसी दृष्टिकोण का हिस्सा है। इन कॉरिडोर्स के माध्यम से शहरों के चारों ओर वैकल्पिक मार्ग विकसित किए जाएंगे, जिससे शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी। औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक्स हब और नगरीय केंद्रों को बेहतर ढंग से जोड़कर ये कॉरिडोर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। इसके अलावा इंटरसिटी हाइपरलूप, मेट्रो रेल परियोजनाओं के संचालन और विस्तार तथा वॉटर मेट्रो नेटवर्क को बढ़ाने पर भी सरकार का विशेष फोकस है।

बेहतर रीजनल कनेक्टिविटी से प्रदेश में व्यापार, उद्योग और निवेश को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। परिवहन नेटवर्क के सुदृढ़ होने से उद्योगों को कच्चे माल, बाजार और श्रम शक्ति तक आसान पहुंच मिलेगी। इससे प्रदेश में निवेश के नए अवसर सृजित होंगे और रोजगार के बड़े पैमाने पर अवसर उत्पन्न होंगे। सरकार का मानना है कि मजबूत परिवहन अवसंरचना के बिना आर्थिक विकास संभव नहीं है, इसलिए इन परियोजनाओं को दीर्घकालिक दृष्टि से आगे बढ़ाया जा रहा है।

प्रदेश सरकार की रणनीति केवल बड़े परिवहन प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंतिम मील कनेक्टिविटी को भी प्राथमिकता दी जा रही है। रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों से जोड़ने के लिए स्थानीय परिवहन साधनों के विकास पर जोर दिया जा रहा है, ताकि लोगों को घर, कार्यस्थल, बाजार और आवश्यक सेवाओं तक निर्बाध पहुंच मिल सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट मानना है कि मजबूत, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था प्रदेश के समग्र विकास की कुंजी है। UP Transport Vision 2047 के तहत रीजनल कनेक्टिविटी और अंतिम मील कनेक्टिविटी को एकीकृत रूप से विकसित करने की दिशा में सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। इन प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश को न केवल देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक विकसित और आधुनिक राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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