सिडकुल पुलिस का ‘मानवीय चेहरा’: प्रभारी निरीक्षक नितेश शर्मा की टीम ने वृद्धाश्रम पहुँचकर जीता बुजुर्गों का दिल देखे वीडियो-
सिडकुल पुलिस का ‘मानवीय चेहरा’: प्रभारी निरीक्षक नितेश शर्मा की टीम ने वृद्धाश्रम पहुँचकर जीता बुजुर्गों का दिल
अतीक साबरी:-
हरिद्वार: “खाकी” का मतलब सिर्फ कानून व्यवस्था बनाना ही नहीं, बल्कि अपनों से दूर बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान लाना भी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशों का पालन करते हुए, थाना सिडकुल प्रभारी नितेश शर्मा ने पुलिसिंग की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने पूरे जनपद में पुलिस का मान बढ़ा दिया है।
बुजुर्गों के बीच पहुँचे ‘अपनों’ की तरह
थाना प्रभारी नितेश शर्मा की अगुवाई में सिडकुल पुलिस की टीम क्षेत्र के वृद्धाश्रम पहुँची। वहाँ उन्होंने न केवल बीट बुक के अनुसार बुजुर्गों का विवरण अपडेट किया, बल्कि उनके पास बैठकर उनका हाल-चाल भी जाना। किसी ने उन्हें आशीर्वाद दिया तो किसी की आँखें यह देखकर नम हो गईं कि पुलिस प्रशासन उनके द्वार पर उनकी सुरक्षा और सम्मान की चिंता लेकर आया है।

सुरक्षा का अहसास: “हम आपके साथ हैं”
नितेश शर्मा ने व्यक्तिगत रूप से बुजुर्गों से संवाद किया और उन्हें विश्वास दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं। पुलिस टीम ने उन्हें जागरूक किया कि:
किसी भी आपात स्थिति में 112 नंबर का प्रयोग करें।
स्थानीय पुलिस से बिना किसी झिझक के संपर्क करें।
उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस 24 घंटे तत्पर है।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी ‘शर्मा की टीम’
सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय गलियारों तक, थाना प्रभारी नितेश शर्मा के कार्यों की सराहना हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जहाँ एक ओर अपराध नियंत्रण में वे सख्त हैं, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ नागरिकों के प्रति उनका यह संवेदनशील व्यवहार उन्हें ‘जनता का हीरो’ बनाता है।
”पुलिस का काम केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग में सुरक्षा का भाव पैदा करना है। हमारे बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं और उनकी सेवा हमारा सौभाग्य है।”
— नितेश शर्मा, प्रभारी निरीक्षक, थाना सिडकुल
हरिद्वार पुलिस की इस पहल और नितेश शर्मा की कर्मठता ने यह साबित कर दिया है कि ‘मित्र पुलिस’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि धरातल पर एक सच्चाई है।