PM Awas Yojana: PM आवास योजना ग्रामीण सर्वे की तारीख बढ़ी, अब 30 अप्रैल तक जारी रहेगा सर्वेक्षण

PM Awas Yojana: PM आवास योजना ग्रामीण सर्वे की तारीख बढ़ी, अब 30 अप्रैल तक जारी रहेगा सर्वेक्षण
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पात्र परिवारों की पहचान के लिए चल रहे सर्वेक्षण की अंतिम तारीख अब 30 अप्रैल कर दी गई है। पहले यह सर्वेक्षण 31 मार्च तक पूरा किया जाना था, लेकिन केंद्र सरकार के निर्देश पर इसे एक माह के लिए बढ़ा दिया गया है। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सर्वे की अवधि बढ़ाने से अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
इस निर्णय से ग्रामीण इलाकों में खुशी का माहौल है। पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आवास मित्र और अन्य कर्मियों के माध्यम से सर्वे कार्य तेजी से किया जा रहा है। दरभंगा जिले की केवटी पंचायत की मुखिया रूबी कुमारी ने बताया कि 31 मार्च तक लगभग 400 लाभार्थियों का सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका था, लेकिन इतने ही लोग अब भी शेष थे। समय की कमी के कारण लोगों में अफरा-तफरी मची रहती थी, अब समय बढ़ने से सभी का सर्वे पूरा किया जा सकेगा।
गांव के संतोष कुमार साहू ने बताया कि मनरेगा कार्यालय में जॉब कार्ड बनवाने के लिए रोजाना भारी भीड़ लगती थी, जिससे कई लोग सर्वेक्षण से वंचित रह गए थे। तारीख बढ़ने से अब अधिक लोगों का नाम सूची में जोड़ा जा सकेगा। लाभार्थी ज्योति देवी ने कहा कि वह कई दिनों से सर्वे के लिए कार्यालय का चक्कर काट रही थीं, लेकिन सर्वे नहीं हो पा रहा था। अब उन्हें उम्मीद है कि उनका सर्वे हो जाएगा और उन्हें आवास योजना का लाभ मिलेगा।
लाभार्थी गणेश साहू ने कहा कि पहले समय कम था, जिससे परेशानी हो रही थी, लेकिन अब 30 अप्रैल तक सर्वे जारी रहने से पंचायत के सभी लोगों का सर्वे आसानी से हो सकेगा। इस योजना के तहत मिट्टी के मकान में रहने वाले गरीब परिवारों का चयन कर उन्हें सहायता राशि दी जाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को तीन किस्तों में 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। मजदूरी की राशि मनरेगा से मिलती है, जबकि शौचालय निर्माण स्वच्छ भारत मिशन के तहत होता है। साथ ही, लाभार्थियों को सस्ती दरों पर बिजली भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे मकान में बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।