PLI scheme: भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को मजबूती देने के लिए ₹22,919 करोड़ की PLI योजना मंजूर

PLI scheme: भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को मजबूती देने के लिए ₹22,919 करोड़ की PLI योजना मंजूर
केंद्र सरकार ने भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ₹22,919 करोड़ की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को मंजूरी दी है। यह योजना नॉन-सेमीकंडक्टर (पैसिव) इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए लागू की गई है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह योजना अगले छह वर्षों में लागू होगी और इससे 91,600 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, इस योजना से लगभग ₹59,350 करोड़ का निवेश आकर्षित होने की संभावना है।
यह योजना टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, मेडिकल डिवाइसेज और पावर सेक्टर सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को समर्थन देगी। इससे घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और देश की आयात निर्भरता में कमी आएगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना के तहत अगले छह वर्षों में ₹4.56 लाख करोड़ का उत्पादन संभव है, जिससे भारत को इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (Elcina) के अनुसार, भारत में 2022 में नॉन-सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स का उत्पादन लगभग 13 अरब डॉलर था, जो 2026 तक 20.7 अरब डॉलर और 2030 तक 37 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। हालांकि, मौजूदा रुझानों के अनुसार, इस सेक्टर में अगले छह वर्षों में 248 अरब डॉलर (करीब ₹21 लाख करोड़) का घाटा हो सकता है, जिसे आयात के जरिए पूरा किया जाता है।
Elcina का मानना है कि अगर सरकार का सहयोग मिलता है, तो इस क्षेत्र में घाटा 146 अरब डॉलर (₹12.36 लाख करोड़) कम होकर 102 अरब डॉलर (₹8.63 लाख करोड़) तक सीमित किया जा सकता है। इससे भारत में स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी निर्भरता घटेगी। सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से घरेलू विनिर्माण को मजबूती देना और आयात पर निर्भरता कम करना है। यह योजना ‘मेक इन इंडिया’ पहल को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाएगी।