ISRO: इसरो ने लॉक्स केरोसीन 200 टी थ्रस्ट सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का पहला सफल परीक्षण किया

ISRO: इसरो ने लॉक्स केरोसीन 200 टी थ्रस्ट सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का पहला सफल परीक्षण किया
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसरो ने शुक्रवार को लॉक्स केरोसीन 200 टी थ्रस्ट सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का पहला बड़ा परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। यह परीक्षण भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इसरो इस इंजन के विकास के माध्यम से अपने प्रक्षेपण यान मार्क-3 (एलवीएम3) की पेलोड क्षमता को बढ़ाने पर कार्य कर रहा है, जिससे भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों में नई ऊंचाइयों को छूने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इसरो ने अपनी अंतरिक्ष मिशन क्षमताओं को नई दिशा देने में एक और सफलता दर्ज की है। उन्होंने कहा कि लॉक्स केरोसीन 200 टी थ्रस्ट सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का पहला बड़ा हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया गया है, जिससे देश के अंतरिक्ष अनुसंधान को और मजबूती मिलेगी।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस इंजन का परीक्षण इसरो की नई परीक्षण सुविधा में किया गया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी तिरुवनंतपुरम यात्रा के दौरान राष्ट्र को समर्पित किया था। इस परीक्षण से इसरो को भविष्य के जटिल और भारी अंतरिक्ष अभियानों में सहायता मिलेगी। भारत लगातार अपने स्वदेशी अंतरिक्ष अभियानों को मजबूत कर रहा है और इस नई उपलब्धि के साथ देश की अंतरिक्ष शक्ति को और बढ़ावा मिलेगा।
इसरो की यह सफलता न केवल भारत के अंतरिक्ष अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे भविष्य में देश की स्वदेशी तकनीक को और अधिक मजबूती मिलेगी। इस परीक्षण के सफल होने से भारत के अंतरिक्ष मिशनों में आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक स्तर पर इसरो की साख और मजबूत होगी।