तकनीकी पुनर्जागरण: पीएम मोदी के नेतृत्व में अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर और एआई क्षेत्र में भारत की ऐतिहासिक प्रगति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक बड़े तकनीकी पुनर्जागरण का गवाह बन रहा है। अंतरिक्ष सुधारों, सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए वित्तीय प्रोत्साहनों और 'IndiaAI' मिशन जैसी पहलों के माध्यम से देश वैश्विक तकनीकी महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है।
NirmanShala Times Graphic
तकनीकी पुनर्जागरण की ओर बढ़ते कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्तमान में एक अभूतपूर्व तकनीकी पुनर्जागरण (Tech-led Renaissance) के दौर से गुजर रहा है। देश अब केवल विदेशी प्रौद्योगिकियों का उपभोक्ता नहीं रह गया है, बल्कि अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में एक वैश्विक निर्माता और नीति-निर्धारक के रूप में उभर रहा है। सरकार की दूरदर्शी नीतियों ने भारत को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था के केंद्र में स्थापित कर दिया है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार
अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत ने हाल के वर्षों में क्रांतिकारी सुधार देखे हैं। अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) की स्थापना ने नए स्टार्टअप्स के लिए रास्ते खोले हैं। चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता और आदित्य-एल1 मिशन ने दुनिया को भारत की किफायती और उच्च-स्तरीय अंतरिक्ष क्षमता का लोहा मनवाया है।
सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रयास
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सरकार ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' (ISM) की शुरुआत की है। इसके तहत देश में चिप डिजाइनिंग और विनिर्माण इकाइयों (Fabs) की स्थापना के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी के माध्यम से भारत खुद को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला के एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में स्थापित कर रहा है।
'IndiaAI' मिशन और भविष्य की राह
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मोर्चे पर, 'IndiaAI' मिशन के माध्यम से देश में एक मजबूत एआई इकोसिस्टम का निर्माण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में एआई के नैतिक और समावेशी उपयोग को बढ़ावा देना है। इन तीनों स्तंभों के माध्यम से भारत न केवल अपनी आर्थिक संप्रभुता को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि वैश्विक तकनीकी परिदृश्य को भी नया आकार दे रहा है।