Uttarakhand: मुख्यमंत्री ने टीवी9 शिखर सम्मेलन 2025 में किया प्रतिभाग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में टीवी9 शिखर सम्मेलन 2025 ‘व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे’ में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने ‘एक देश, एक विधान, नया हिंदुस्तान’ विषय पर चर्चा करते हुए उत्तराखंड के विकास, जनकल्याणकारी नीतियों और भविष्य की योजनाओं पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में उत्तराखंड निरंतर विकास की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इसे समाज में समानता और न्याय की दिशा में एक बड़ा सुधार बताते हुए उन्होंने कहा कि यह जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप है और अन्य राज्यों के लिए मिसाल है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए ऐतिहासिक है। जिस प्रकार गंगा गंगोत्री से निकलती है, उसी प्रकार समान नागरिक संहिता की यह गंगोत्री भी पूरे देश को लाभ देगी।
उन्होंने कहा कि 2022 के चुनाव में जनता से समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया गया था, जिसे पूरा किया गया है। जनता ने भी हर पांच वर्ष में सरकार बदलने की परंपरा को तोड़कर दोबारा भरोसा जताया। सरकार ने इस संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति गठित की, जिसने लगभग 20 महीनों में 72 से अधिक बैठकें आयोजित कर जनता से सुझाव लिए। इस प्रक्रिया में विभिन्न वर्गों, धर्मों और पंथों से जुड़े 2.36 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में उत्तराखंड पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता लागू की है। इसे संविधान के प्रावधानों के तहत लागू किया गया है और इसका विरोध करने वाले संविधान और बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों के विरोधी हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण को लेकर सख्त कदम उठाए गए हैं और अब तक लगभग 6000 एकड़ भूमि को मुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में धर्मांतरण और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश में बिना किसी तुष्टिकरण के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के सिद्धांत पर योजनाओं का लाभ समान रूप से दिया जा रहा है।