Uttarakhand MSME: उत्तराखंड के एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन, मुख्यमंत्री धामी ने एमएसएमई कॉन्क्लेव में साझा किए विचार
Uttarakhand MSME: उत्तराखंड के एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन, मुख्यमंत्री धामी ने एमएसएमई कॉन्क्लेव में साझा किए विचार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में आयोजित अमर उजाला एमएसएमई कॉन्क्लेव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की प्रगति, निवेश की संभावनाओं और औद्योगिक विकास की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर अपने विचार साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र उत्तराखंड के लिए विकास का प्रमुख इंजन है, जो कम पूंजी निवेश में अधिकतम रोजगार सृजन की क्षमता रखता है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

धामी ने जानकारी दी कि उत्तराखंड में अब तक 78,826 एमएसएमई इकाइयाँ स्थापित हो चुकी हैं, जिनमें से 57 प्रतिशत पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित हैं। यह राज्य सरकार की नीतियों की सफलता को दर्शाता है, जिन्होंने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 से अब तक 28,370 नई एमएसएमई इकाइयाँ स्थापित हुई हैं, जिनमें लगभग 4,000 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश हुआ और 1.32 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान राज्य ने 3.56 लाख करोड़ रुपए के निवेश समझौते (MoUs) किए थे, जिनमें से लगभग 1 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं अब धरातल पर सफलतापूर्वक लागू हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए औद्योगिक नीति, एमएसएमई नीति, स्टार्टअप नीति और लॉजिस्टिक नीति सहित कई नीतिगत सुधार लागू किए हैं।
धामी ने कहा कि आने वाले वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में महत्वपूर्ण योगदान देगा और आर्थिक वृद्धि को दोगुना करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड सरकार राज्य के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से एक सशक्त प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमियों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के साथ संवाद किया तथा उन्हें राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों, नीतियों और सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।