PM Awas Yojana: उत्तराखंड में शहरी आवास योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री धामी की सख्ती, पात्र लाभार्थियों को ही मिलेगा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ

PM Awas Yojana: उत्तराखंड में शहरी आवास योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री धामी की सख्ती, पात्र लाभार्थियों को ही मिलेगा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित एक अहम बैठक में आवास विभाग के कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत लाभ प्राप्त करने वाले सभी लोगों का पुनः सत्यापन कराया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं लोगों को दिया जाए जो इसके वास्तविक पात्र हैं। किसी भी तरह की गड़बड़ी या अपात्र व्यक्ति को लाभ देने की स्थिति में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में जो भी आवास आवंटित किए जाएं, वे पूरी तरह से पात्रता की कसौटी पर खरे उतरने वाले लोगों को ही मिलें। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के विभिन्न शहरों के मास्टर प्लान को गति देने और इन मास्टर प्लान में शहरी धारण क्षमता (carrying capacity) का वैज्ञानिक ढंग से आकलन करने का भी निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण, वृक्षारोपण और हरियाली को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि निर्माण कार्य केवल प्राधिकरण द्वारा पास किए गए नक्शों के अनुरूप ही हों। बिल्डिंग्स और हाउसिंग सोसाइटीज़ में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और पर्यावरण अनुकूल संरचनाओं का निर्माण अनिवार्य रूप से किया जाए। इसके साथ ही अतिक्रमण हटाने के लिए सख्ती से अभियान चलाने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आवासीय भवनों के नक्शे निर्धारित समयसीमा में पास किए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि राज्य के दोनों मण्डलों—गढ़वाल और कुमाऊं—में एक-एक नया शहर विकसित किया जाए, जिसे आध्यात्मिक क्षेत्र (Spiritual Zone) के रूप में डिज़ाइन किया जाए। इन नए शहरों में आवास, हरियाली, धार्मिक पर्यटन और आधुनिक शहरी जीवनशैली का संतुलन बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य की भविष्य की आवासीय जरूरतों का अनुमान लगाने और सभी वर्गों की मांग के अनुरूप विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी भूमि का अधिकतम और उपयुक्त उपयोग किया जाए तथा अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का पुनर्विकास (Redevelopment) जरूरत के अनुसार किया जाए।
बैठक के दौरान प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने जानकारी दी कि आवास विकास विभाग वर्तमान में 8 बड़ी योजनाओं पर कार्य कर रहा है, जो गेम चेंजर साबित होंगी। उन्होंने बताया कि राज्य में जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए कुल 191 पार्किंग स्थलों पर निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिनमें 109 मल्टीलेवल पार्किंग, 10 टनल पार्किंग, 63 सर्फेस पार्किंग और 9 ऑटोमेटेड पार्किंग शामिल हैं। इनमें से 48 पार्किंग स्थलों का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि 47 स्थलों पर कार्य प्रगति पर है।
बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीपीपीजीजी मनोज पंत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।