RSS Book Launch Uttarakhand: देवभूमि में सांस्कृतिक संरक्षण और समानता की पहल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘आरएसएस फिलॉसफी’ पुस्तक का लोकार्पण
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून स्थित आईआरडीटी सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर आधारित पुस्तक “Philosophy and Action of RSS for Hind Swaraj” के पुनर्प्रकाशित संस्करण का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देश और उत्तराखंड में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय मूल्यों के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि उत्तराखंड सरकार ने देश में पहली बार समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) कानून को लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जो सभी नागरिकों के लिए समान कानून व्यवस्था की स्थापना की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने इसे भारतीय संविधान की भावना के अनुरूप सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ी पहल बताया।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और जनसंख्या संतुलन (डेमोग्राफी) को संरक्षित रखना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार इस दिशा में “विकल्प रहित संकल्प” के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कालनेमि” के अंतर्गत उन पाखंडी और विधर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है, जो धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करते हैं और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ऐसे तत्वों को उत्तराखंड में किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उन्हें वहीं लौटाया जाएगा, जहां से वे आए हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत आज अपनी सांस्कृतिक चेतना के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार राज्य की संस्कृति, आस्था और परंपराओं को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, वरिष्ठ प्रचारक जे. नंदकुमार, उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने पुस्तक के विषय, संदर्भ और समयबद्धता की सराहना की।