Kanwar Yatra: हरिद्वार में कांवड़ मेले की गूंज, मुख्यमंत्री धामी बोले – 1 करोड़ से अधिक कांवड़िये उठा चुके हैं गंगाजल, सुरक्षा और सेवा हमारी प्राथमिकता

Kanwar Yatra: हरिद्वार में कांवड़ मेले की गूंज, मुख्यमंत्री धामी बोले – 1 करोड़ से अधिक कांवड़िये उठा चुके हैं गंगाजल, सुरक्षा और सेवा हमारी प्राथमिकता
श्रावण मास में शिवभक्तों की अगाध श्रद्धा और आस्था का प्रतीक कांवड़ यात्रा इन दिनों उत्तराखंड के हरिद्वार सहित कई तीर्थ स्थलों पर अपने चरम पर है। देश के कोने-कोने से लाखों शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्यों की ओर लौट रहे हैं। इसी उत्सवमयी माहौल में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हरिद्वार में कांवड़ मेले को लेकर एक अहम बयान दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “कांवड़ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह पूरे देशवासियों के लिए उत्सव का अवसर है। यह मेला शिवभक्तों की आस्था और हमारी सेवा भावना का अद्भुत संगम है। देवभूमि उत्तराखंड में आने वाले हर कांवड़िये का हम हृदय से स्वागत करते हैं।”
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस वर्ष अभी तक 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर पवित्र गंगाजल ले चुके हैं। धामी ने कहा, “यह संख्या हमारे लिए गर्व का विषय है और यह दिखाता है कि देवभूमि की ओर लोगों की आस्था कितनी प्रबल है। हमारा संकल्प है कि हर शिवभक्त को सुरक्षित, सहज और श्रद्धामय वातावरण मिले।”
सुरक्षा और सेवा व्यवस्था पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि कांवड़ यात्रा को सुचारु और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार और प्रशासन ने कई स्तरों पर तैयारी की है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है, ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है, और यातायात को नियंत्रित रखने के लिए विशेष रूट प्लान लागू किया गया है।
साथ ही, स्वास्थ्य केंद्र, मोबाइल अस्पताल और स्वयंसेवी संस्थाएं श्रद्धालुओं की सेवा में तैनात हैं। भोजन, आवास और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह शिविर और लंगर लगाए गए हैं, जहां मुफ्त भोजन, पानी और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
देशभर से उमड़ रही है श्रद्धा की लहर
हरिद्वार में प्रतिदिन लाखों कांवड़िये पहुंच रहे हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल से लेकर दक्षिण भारत के श्रद्धालु भी शामिल हैं। पवित्र गंगा जल लेकर पैदल लौटते इन श्रद्धालुओं के लिए सड़कें शिव भक्ति के रंग में रंगी हुई हैं।
हरिद्वार से लेकर नजीबाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर और दिल्ली तक कांवड़ पथ पर शिविर, भजन-कीर्तन, भंडारे और लंगर भक्तिमय वातावरण बना रहे हैं। पूरा माहौल “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज रहा है।
मुख्यमंत्री की अपील
मुख्यमंत्री ने अंत में श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यात्रा के दौरान संयम और अनुशासन बनाए रखें। उन्होंने कहा, “हम सभी शिवभक्तों से निवेदन करते हैं कि प्रशासन द्वारा जारी नियमों का पालन करें, किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सेवा में लगे सभी कर्मियों का सहयोग करें। हमारी सरकार आपकी हर आवश्यक मदद के लिए पूरी तरह तत्पर है।” मुख्यमंत्री धामी ने यह भी दोहराया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सेवा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने हरसंभव इंतजाम किए हैं।