Uttarakhand Disaster Preparedness: मॉक ड्रिल से आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाने का अभियान
Uttarakhand Disaster Preparedness: मॉक ड्रिल से आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाने का अभियान
उत्तराखण्ड राज्य में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत करने के उद्देश्य से 16, 17 और 18 मार्च 2026 को पूरे राज्य के 13 जनपदों में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। यह अभ्यास अलग-अलग तहसीलों में कराया जाएगा ताकि जिला मुख्यालय के साथ-साथ तहसील स्तर पर भी आपदा से निपटने की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन किया जा सके और स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ किया जा सके।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी जनपदों के अधिकारियों ने मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में प्रत्येक जनपद ने संभावित आपदा सिनेरियो और चयनित अभ्यास स्थलों की जानकारी दी। सचिव सुमन ने निर्देश दिए कि मॉक ड्रिल वास्तविक परिस्थिति के अनुरूप आयोजित की जाए ताकि अभ्यास के दौरान वास्तविक प्रतिक्रिया और तैयारियों का सही मूल्यांकन हो सके।
सचिव सुमन ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) अब स्वयं मॉक अभ्यास सफलतापूर्वक आयोजित करने में सक्षम हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब जनपदों को भी सक्षम बनाया जा रहा है ताकि वे अपने संसाधनों के आधार पर नियमित मॉक ड्रिल कर सकें। इससे आपदा के समय त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।
मॉक ड्रिल के दौरान विभागीय समन्वय, राहत एवं बचाव दलों की त्वरित प्रतिक्रिया, उपलब्ध संसाधनों का दक्षता से उपयोग, संचार व्यवस्था, चेतावनी प्रणाली और राहत सामग्री व उपकरणों की कार्यशीलता की भी पूरी तरह से जांच की जाएगी। सचिव सुमन ने कहा कि यूएसडीएमए का लक्ष्य “जीरो डेथ” है और यदि पहले से तैयारी मजबूत हो और सभी विभाग मिलकर तेजी से काम करें, तो जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता है।
आगामी मॉक अभ्यास में भूकम्प, वनाग्नि, भूस्खलन, अग्निकांड, जलभराव, बाढ़, मानव-वन्यजीव संघर्ष, नाव पलटने की घटना, बादल फटना, जलाशय विस्फोट, औद्योगिक दुर्घटना, एवलांच, भगदड़ और नदी में डूबने जैसी संभावित घटनाओं पर आधारित सिनेरियो पर अभ्यास किया जाएगा। इन अभ्यासों में जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां सक्रिय रूप से भाग लेंगी।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन महावीर सिंह चौहान, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी, एसडीआरएफ के डिप्टी कमाण्डेंट सुभांग रतूड़ी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।