Bijnor Industrial Development Meeting: बिजनौर में औद्योगिक विकास को गति देने पर जोर, निवेशकों से संवाद कर नए उद्योग स्थापित करने के निर्देश
Bijnor Industrial Development Meeting: बिजनौर में औद्योगिक विकास को गति देने पर जोर, निवेशकों से संवाद कर नए उद्योग स्थापित करने के निर्देश
बिजनौर जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने जिले में औद्योगिक विकास को अपेक्षित प्रगति देने के लिए उपायुक्त उद्योग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे निवेशकों और उद्यमियों से लगातार संपर्क बनाए रखें और उन्हें नए उद्योगों की स्थापना के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जिले में औद्योगिक माहौल को मजबूत करना प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित जिला स्तरीय उद्योग बंधु बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि उद्योग बंधु की बैठकों में उठाए जाने वाले सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उद्यमियों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो और शासन के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।

उन्होंने निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित विभागीय प्रकरणों पर भी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि निवेशकों और उद्यमियों के सामने आने वाली समस्याओं का समयबद्ध समाधान ही जिले में औद्योगिक विकास को गति दे सकता है।
एमओयू क्रियान्वयन तंत्र की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में हस्ताक्षरित 294 एमओयू के सापेक्ष 121 इकाइयां ग्लोबल बिजनेस कॉन्क्लेव के लिए तैयार हैं, जबकि 91 इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। 30 एमओयू फिलहाल लंबित हैं, वहीं 253 एमओयू निर्माणाधीन और प्रगति पर हैं। दो एमओयू ऐसे भी हैं, जिनमें संबंधित निवेशकों द्वारा कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है। जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिए कि नए एमओयू की पहचान कर निवेश के लिए उन्हें सक्रिय रूप से प्रेरित किया जाए।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि एमओयू के अंतर्गत क्रियाशील औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से जिले में 58 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिल चुका है, जो जिले की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि को और आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

पीएम विश्वकर्मा योजना की समीक्षा में बताया गया कि पोर्टल पर कुल 578 आवेदन दर्ज हैं, जिनमें से 227 का प्रथम स्तरीय सत्यापन, 108 का द्वितीय स्तरीय सत्यापन और 85 आवेदनों को तृतीय स्तर की स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत लक्ष्य 1750 के सापेक्ष 2695 आवेदन बैंकों को भेजे जा चुके हैं। इनमें से 1114 आवेदन स्वीकृत हुए हैं और 1087 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया जा चुका है। हालांकि बैंकों के स्तर पर 600 आवेदन लंबित हैं और 1050 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने चिंता जताई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, उपायुक्त उद्योग अमित कुमार सहित जीएसटी, उद्योग, खादी ग्राम उद्योग, पंचायत राज, खाद्य सुरक्षा, पशुपालन, विद्युत विभाग के अधिकारी और उद्योग एवं व्यापार बंधु उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हुए समन्वित और परिणामोन्मुखी कार्य सुनिश्चित किया जाए।