Jan Jan Ki Sarkar: राज्यभर में शुरू हुआ जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान, पहले ही दिन हजारों लोग योजनाओं से लाभान्वित
Jan Jan Ki Sarkar: राज्यभर में शुरू हुआ जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान, पहले ही दिन हजारों लोग योजनाओं से लाभान्वित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेशभर में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान का भव्य शुभारंभ हो गया है। इस अभियान का उद्देश्य सरकार को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाना, जनसमस्याओं का त्वरित समाधान करना और जरूरतमंद लोगों को मौके पर ही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देना है। पैंतालीस दिनों तक चलने वाले इस व्यापक अभियान में प्रदेश के 23 विभाग सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
अभियान के पहले ही दिन राज्य के सभी जिलों में चयनित न्याय पंचायतों में आयोजित शिविरों में लोगों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हजारों ग्रामीणों ने शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं और बड़ी संख्या में लोगों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभ भी प्रदान किया गया। राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित कई विभागों ने एक ही छत के नीचे सेवाएं उपलब्ध कराईं।

पिथौरागढ़ जिले के विकासखंड बिण की न्याय पंचायत दौला में आयोजित शिविर का उद्घाटन कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत ने किया। इस शिविर में 800 से अधिक लोगों ने भाग लिया और अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनमें से अधिकांश का समाधान मौके पर ही किया गया। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि जिले की सभी 64 न्याय पंचायतों में इस अभियान के तहत शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर ग्रामीण तक सरकार की योजनाएं पहुंच सकें।

चम्पावत जिले के सिमल्टा में आयोजित शिविर में 500 से अधिक लोग विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हुए। जिलाधिकारी मनीष कुमार की मौजूदगी में 100 से अधिक शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया गया। शिविर में स्वास्थ्य, पशुपालन, कृषि, समाज कल्याण, आयुष, श्रम और अन्य विभागों द्वारा सैकड़ों लाभार्थियों को सेवाएं दी गईं। आधार कार्ड बनाए गए, कृषि यंत्र वितरित किए गए और समान नागरिक संहिता के अंतर्गत पंजीकरण की सुविधा भी दी गई।
अल्मोड़ा जिले में 11 विकासखंडों की 13 न्याय पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में दिव्यांगों को सहायक उपकरण, मरीजों को चिकित्सीय परामर्श, राजस्व संबंधी प्रमाण पत्र और अन्य विभागीय सेवाएं मौके पर उपलब्ध कराई गईं। लोगों ने अभियान को बेहद उपयोगी बताते हुए सरकार की इस पहल की सराहना की।

बागेश्वर जिले में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र लाभार्थियों को तुरंत लाभ प्रदान किया गया। विभिन्न विभागों के स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को आवेदन, शिकायत और समाधान की सुविधा एक ही स्थान पर मिली।
ऊधमसिंहनगर जिले के खटीमा और रुद्रपुर में आयोजित शिविरों में दर्जनों शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए गए और राजस्व प्रमाण पत्र, खतौनी, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र मौके पर ही बनाए गए।

देहरादून जिले में अभियान की शुरुआत चकराता की दूरस्थ न्याय पंचायत क्वांसी से हुई। जिलाधिकारी सबिन बंसल ने स्वयं शिविर में पहुंचकर जनता की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। यहां 658 से अधिक लोगों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई, बुजुर्गों और दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरित किए गए और किसानों को सब्सिडी पर कृषि यंत्र दिए गए।
रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, चमोली और नैनीताल जिलों में भी अभियान के तहत बड़े स्तर पर शिविर आयोजित किए गए, जहां सैकड़ों शिकायतें दर्ज की गईं और अधिकांश का मौके पर समाधान किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण, कृषि उपकरण, प्रमाण पत्र, रोजगार पंजीकरण और सामाजिक योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को दिया गया।
नैनीताल के गरमपानी क्षेत्र में आयोजित शिविर में वित्तीय अनियमितताओं और वन्यजीवों से फसल नुकसान की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई और त्वरित समाधान के निर्देश दिए। वहीं पौड़ी जिले में अभियान की शुरुआत यमकेश्वर ब्लॉक से की जाएगी।
राज्य सरकार का कहना है कि यह अभियान शासन और जनता के बीच की दूरी को खत्म करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संकल्प है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे और हर नागरिक को पारदर्शी व समयबद्ध तरीके से लाभ मिले।