• January 14, 2026

Uttarakhand development: उत्तराखण्ड की 25वीं वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री धामी ने विकास और समृद्धि के दृष्टिकोण साझा किए

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Uttarakhand development: उत्तराखण्ड की 25वीं वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री धामी ने विकास और समृद्धि के दृष्टिकोण साझा किए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून स्थित होटल हयात सेंट्रिक में समाचार चैनल न्यूज़ 18 द्वारा आयोजित ‘डायमंड स्टेट समिट’ में भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवाद सत्र में मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की 25 वर्षीय विकास यात्रा, सुशासन, समान नागरिक संहिता, अवसंरचना विकास, निवेश, रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं सहित राज्य के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ प्रत्येक उत्तराखण्डवासी के लिए गर्व और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने इसे अपने लिए सौभाग्यपूर्ण बताया कि इस ऐतिहासिक मौके पर उन्हें राज्य की सेवा का दायित्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य आने वाले 25 वर्षों में उत्तराखण्ड को देश के सर्वाधिक प्रगतिशील और समृद्ध राज्यों में शामिल करना है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का होगा” के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में 30 से अधिक नई नीतियाँ बनाई गई हैं, जिससे राज्य के समग्र विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों (SDG) इंडेक्स में उत्तराखण्ड को प्रथम स्थान, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में ‘अचीवर्स’ श्रेणी और स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी में स्थान मिलना राज्य की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।

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मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एक मुख्यसेवक के रूप में उनका प्रयास हमेशा यही रहा है कि शासन में संवेदनशीलता और निर्णयों में मजबूती का संतुलन बना रहे। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू किए जाने को उत्तराखण्ड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह कोई राजनीतिक निर्णय नहीं बल्कि सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और समान अधिकारों की दिशा में उठाया गया साहसिक कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूसीसी भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना के अनुरूप है और इसका उद्देश्य किसी विशेष वर्ग या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि सभी नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान प्रदान करना है। इस पूरी प्रक्रिया में व्यापक संवाद, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक समरसता का विशेष ध्यान रखा गया है।

धामी ने जबरन धर्मांतरण के मामलों पर सरकार की नीति को स्पष्ट और सख्त बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है और इसकी सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफी का संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य में जबरन धर्मांतरण की घटनाओं को गंभीर खतरा मानते हुए सशक्त धर्मांतरण रोधी कानून लागू किया गया है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संवैधानिक और नियमित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य लोकतंत्र को अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सीमावर्ती और संवेदनशील राज्य है, इसलिए मतदाता सूची का शुद्ध होना राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक मजबूती दोनों के लिए आवश्यक है। SIR के माध्यम से फर्जी, डुप्लीकेट और अपात्र प्रविष्टियों को हटाकर प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार को सुरक्षित किया जाएगा।

डबल इंजन सरकार के प्रभाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से उत्तराखण्ड में बुनियादी ढांचे, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में तेज़ी से विकास हुआ है। चारधाम परियोजना, ऑल वेदर रोड और रेल परियोजनाएं राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

लैंड जिहाद और अवैध कब्जों पर सरकार की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए धामी ने कहा कि अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है और अवैध निर्माण हटाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी समुदाय के विरुद्ध नहीं बल्कि कानून के तहत की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई है, जिसका उद्देश्य भूमि, संसाधनों और डेमोग्राफी का संरक्षण है।

G-20 बैठकों और राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों से उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है, जिससे पर्यटन, निवेश, रोजगार और खेल अधोसंरचना को मजबूती मिली है।

निवेश के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से हुए निवेश समझौतों में से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की ग्राउंडिंग हो चुकी है। यह निवेश पर्यटन, उद्योग, आईटी, फार्मा, ऊर्जा और अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में राज्य के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और पलायन रोकने में सहायक साबित होगा।

उत्तराखण्ड की 25वीं वर्षगांठ और इन उपलब्धियों को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने जनता से अपील की कि सभी मिलकर राज्य के विकास, सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मजबूती को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड न केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी देश में अग्रणी राज्य बनेगा।

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